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नवादा में निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई: परिमार्जन के नाम पर रिश्वत लेते राजस्व कर्मचारी गिरफ्तार

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नवादा। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए रोह अंचल में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी गुलशन कुमार को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से न सिर्फ राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है, बल्कि आम लोगों में भी यह संदेश गया है कि रिश्वतखोरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मामले की शुरुआत रोह थाना क्षेत्र के बेलडीह गांव निवासी मंटू कुमार की शिकायत से हुई। मंटू कुमार ने अपनी पुश्तैनी जमीन के परिमार्जन के लिए अंचल कार्यालय में आवेदन दिया था, लेकिन यह आवेदन दो बार अस्वीकृत कर दिया गया। इसके बाद जब वह राजस्व कर्मचारी गुलशन कुमार के संपर्क में आया, तो आरोप है कि कर्मचारी ने परिमार्जन के बदले 35 हजार रुपये की मांग की और ऑफलाइन आवेदन कराने की बात कही।
रिश्वत की मांग से परेशान होकर मंटू कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद निगरानी के महानिदेशक जे.एस. गंगवार के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक विकास कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।
योजना के अनुसार मंगलवार की सुबह निगरानी टीम नवादा पहुंची और रोह थाना क्षेत्र के वंशी चौराहा के पास जाल बिछाया गया। तय रणनीति के तहत परिवादी मंटू कुमार को आरोपी को रिश्वत की राशि सौंपने के लिए बुलाया गया। जैसे ही मंटू कुमार ने 35 हजार रुपये गुलशन कुमार को दिए और आरोपी ने रकम अपने जैकेट की बाईं जेब में रखी, पहले से तैनात निगरानी अधिकारियों ने उसे मौके पर ही धर दबोचा।
गिरफ्तारी के बाद मौके पर ही रंग परीक्षण किया गया। आरोपी के दोनों हाथ धुलवाने पर पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। इसके बाद नियमानुसार आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजनों, नवादा जिलाधिकारी तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को दी गई।
निगरानी ब्यूरो की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में खलबली मची हुई है। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि आरोपी ने पूर्व में भी इस तरह की अवैध वसूली की है या नहीं और इसमें कोई अन्य कर्मी या बिचौलिया तो शामिल नहीं है। फिलहाल निगरानी अन्वेषण ब्यूरो मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।

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